Lucknow Encounter: कैब चालक हत्याकांड का आरोपी डेढ़ लाख का इनामी गुरूसेवक एनकाउंटर में ढेर
आरोपित के पास से कई कारतूस, दो असलहे और शाहजहांपुर में लूटी गई कार समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
Lucknow Encounter
लखनऊ। (Lucknow Encounter) आठ दिन के अंदर दो कैब चालकों की हत्या कर उनकी कार लूटने वाले गिरोह के सरगना और डेढ़ लाख रुपये के इनामी गुरुसेवक को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर रविवार रात हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। गुरुसेवक ने पुलिस टीम पर तीन फायर किए थे। आरोपित के पास से कई कारतूस, दो असलहे और शाहजहांपुर में लूटी गई कार समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। (Lucknow Encounter)
(Lucknow Encounter) शाहजहांपुर पुलिस ने घोषित किया था 50 हजार का इनाम
शाहजहांपुर पुलिस ने गुरुसेवक पर पचास हजार और लखनऊ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। रविवार को ही इसके साथी 25 हजार रुपये के इनामी विकास को दुबग्गा चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बीते शुक्रवार रात जब बदमाश अजय को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था, तब शाहजहांपुर निवासी गुरुसेवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।
इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। रविवार देर रात क्राइम टीम और पारा पुलिस को सूचना मिली कि गुरुसेवक अपने एक साथी के साथ कार से हरदोई होते हुए शाहजहांपुर जाने के लिए निकला है। टीम ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट की सर्विस लेन पर चेकिंग शुरू की। गुरुसेवक कार से आता दिखा तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया।
उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें क्राइम टीम के प्रभारी शिवानंद मिश्रा और हेड कांस्टेबल अतुल पांडेय की बुलेट प्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी। इसके अलावा, एक गोली पुलिस की गाड़ी पर भी लगी। पुलिस ने घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरुसेवक मारा गया, लेकिन उसका साथी मौके से फरार हो गया।
डीसीपी ने बताया कि गुरुसेवक ने 29 सितंबर को पारा से कैब बुक की थी और चालक योगेश पाल की हत्या कर शव सीतापुर में फेंक दिया था। इसके अलावा, छह अक्टूबर को गुरुसेवक और उसके गिरोह ने पुवायां से सितारगंज उत्तराखंड ले जाने के लिए कैब चालक अवनीश दीक्षित की कार को बुक किया था। गुरुसेवक, अजय और अन्य बदमाशों ने मिलकर अवनीश की हत्या कर उसकी कार भी लूट ली थी।
फिर उसके शव को शाहजहांपुर-बरेली मार्ग पर फेंक दिया था। गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। गुरुसेवक अन्य पर आठ से ज्यादा लूट, हत्या समेत अन्य मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी ने बताया कि दुबग्गा चौराहे के पास से हरदोई के निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया है। विकास पर हरदोई में दो, लखनऊ में तीन मामले दर्ज हैं।
कैब चालक कार बुक करने वाले आरोपी हरदोई मल्लावां निवासी गैंगस्टर विकास कुमार को रविवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसपर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस मामले में शुक्रवार को भी पुलिस ने एक बदमाश हरदोई निवासी अजय को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने कैब चालक योगेश की लूट के दौरान हत्या के बाद शाहजहांपुर में ट्रेेवलर चालक अवनीश की भी हत्या कर गाड़ी लूट ली थी।
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया हत्या व लूट का आरोपी व डेढ़ लाख का इनामी गुरु सेवक बेहद शातिर था। उसके खिलाफ पहले से लूट, अपहरण, हत्या व हत्या के प्रयास सहित आधा दर्जन आपराधिक मामले पहले से दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान पुलिस को उसके पास से विदेशी कंपनी स्मिथ एंड वेसन कंपनी का बना .38 बोर का रिवॉल्वर मिला है। अब पुलिस पता लगा रही है कि आरोपी के पास से विदेशी रिवाॅल्वर कहां से आई। वहीं मौके से भागे हुए गुरु सेवक के साथी की तलाश में पुलिस जुटी है।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात मुठभेड़ में घायल बदमाश अजय सिंह के साथ गुरु सेवक भी मौजूद था, जो भाग गया था। रविवार रात दस बजे गुरु सेवक और पुलिस के बीच मुठभेड़ में बदमाशों की एक गोली पुलिस की गाड़ी और एक गोली क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्र व दरोगा अनुज की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। मौके से विदेशी रिवाॅल्वर के अलावा पुलिस को देसी पिस्टल भी मिली है। वहीं रविवार सुबह पुलिस ने कैब बुक करने वाले आरोपी हरदोई निवासी विकास को रविवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। विकास मौजूदा समय में जानकीपुरम के मिर्जापुर इलाके में रह रहा था। उसके खिलाफ हरदोई के मल्लावां थाने में गैंगस्टर, डकैती और लखनऊ के अलीगंज थाने में चोरी का एक मामला दर्ज है।
डीसीपी ने बताया कि विकास का नाम शुक्रवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी अजय से पुलिस को पता चला था। विकास कैब चालक योगेश का परिचित था। विकास ने ही 27 और 28 सितंबर को योगेश को फोन कर 29 सितंबर को सीतापुर चलने के लिए कहा था। इसके बाद 29 सितंबर की शाम फिर से विकास ने योगेश को फोन कर सीतापुर चलने के लिए कहा। योगेश घर से सीतापुर जाने की बात कहकर निकले। बुद्धेश्वर चौराहे के पास विकास, अजय और गुरु सेवक मिले। 3200 रुपये में सीतापुर का किराया तय हुआ। सभी लोग कार में बैठ गए। दुबग्गा के आसपास विकास उतर गया और आरोपी अजय व गुरु सेवक सीतापुर चले गए। सीतापुर पहुंचकर अजय व गुरु सेवक ने योगेश की हत्या कर उनकी कार लूटी ली थी। इस घटना के बाद आरोपी अजय और गुरु सेवक ने छह अक्तूबर को शाहजहांपुर जनपद में कार चालक अवनीश दीक्षित की हत्या कर उनकी गाड़ी भी लूटी थी।
यह है घटना
मूल रूप से उन्नाव बांगरमऊ के आसत मोहिउद्दीनपुर निवासी योगेश परिवार के साथ पारा के बादलखेड़ा में रहते थे। 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे वह पत्नी वंदना से दोस्त की पत्नी को लेने सीतापुर जाने की बात कहकर कार लेकर निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए थे। उनकी गुमशुदगी पारा थाने में दर्ज कराई गई थी। 30 सितंबर की रात उनका शव सीतापुर के सरियापुर इलाके में मिला था। चेहरे पर टेप लिपटा हुआ था। सिर पर चोट के निशान थे। उनकी कार, मोबाइल व फोन गायब था। पारा पुलिस ने उनकी गुमशुदगी को हत्या व लूट की धारा में तरमीम कर दिया था।













