Lucknow Building Collapse Update: लखनऊ में 3 मंजिला इमारत गिरी, अब तक 8 की मौत- देखें सूची
NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।

(Lucknow Building Collapse Update) इन लोगों की हो चुकी मौत
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों ने मलबे से तीन और शव निकाले हैं, जिसके बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। रिलीफ कमिश्नर जीएस नवीन ने बताया कि एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तीन लोगों के शव बरामद किए हैं, जिनकी पहचान राज किशोर (27), रुद्र यादव (24) और जगरूप सिंह (35) के रूप में की गई है। इससे पहले धीरज गुप्ता (48), पंकज तिवारी (40), अरुण सोनकर (28), राकेश लखनपाल (67) और जसप्रीत सिंह साहनी (41) के शव बरामद किए गए थे।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे अब यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि मलबे के नीचे कोई और न फंसा हो। पुलिस ने कहा कि इस बिल्डिंग का निर्माण करीब चार साल पहले किया गया था और घटना के समय भी कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार शाम भारी बारिश के बाद करीब 4:45 बजे जब यह घटना घटी तो ज्यादातर पीड़ित ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहे थे। घायलों को जिले के लोक बंधु अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक मोटर वर्कशॉप और गोदाम, पहली मंजिल पर एक मेडिकल गोदाम और दूसरी मंजिल पर एक कटलरी गोदाम था। मेडिकल गोदाम में काम करने वाले और घायलों में शामिल आकाश सिंह ने कहा कि इमारत के एक खंभे में दरार आ गई थी। उन्होंने कहा, “बारिश होने के कारण हम ग्राउंड फ्लोर पर आ गए थे। हमने देखा कि बिल्डिंग के एक खंभे में दरार आ गई थी। अचानक पूरी बिल्डिंग हमारे ऊपर गिर गई।”
बता दें कि सरोजिनी नगर इलाके के ट्रांसपोर्ट नगर में बीते शनिवार को तीन मंजिला एक बिल्डिंग देखते ही देखते ढह गई। इस बिल्डिंग के मलबे में कई लोग दब गए, जिनमें से 28 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है। अबतक आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
जबकि इस घटना के बाद पूरी रात एलडीए कार्यालय खुला रहा और जांच रिपोर्ट तैयार की गई। एलडीए के सचिव के साथ एक टीम घटना स्थल पर जांच करने भी पहुंची थी जिससे पता चल सके की कहीं निर्माण के दौरान अनियमितता और मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो इस घटना की जांच रिपोर्ट सीनियर अफसरों को दे दी गई है।
अब इस घटना के बाद एलडीए ट्रांसपोर्ट नगर में बने अन्य मकानों की जांच भी कर रहा है। इसकी जांच एलडीए के साथ नगर निगम के संयुक्त निरीक्षण में होगी।
हालांकि इस घटना के बाद पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा और अब किसी के दबे होने की संभावना कम है। मंडलायुक्त ज़िलाधिकारी नगर आयुक्त और विधायक मौके पर रातभर मौजूद रहे।