STF News: उन्नाव में इत्र व्यवसाई के यहां डकैती डालने वाले गिरफ्तार
पांच बदमाश पहले ही हो चुके गिरफ्तार, फरार डकैतों को एसटीएफ ने दबोचा
– एक साल पहले हुई थी डकैती, रिवाल्वर समेत 1 करोड़ का सामन ले गए थे बदमाश
लखनऊ। (STF News) उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद में एक साल पहले इत्र व्यवसायी के यहां पड़ी डकैती का यूपी एसटीएफ ने खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान इन तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। (STF News) बदमाशों के नाम विक्की पादरी, बिरोजा उर्फ करन और मनोज पादरी हैं। मनोज पादरी पर 50000 रुपये का पुरस्कार घोषित है। बदमाशों के पास से एसटीएफ को दो 315 बोर के तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक प्लास, एक सब्बल, एक गुलेल दो पहचान पत्र, ₹2030 नगद बरामद हुए हैं। इस घुमंतू गिरोह पर उत्तर प्रदेश,, पंजाब हरियाणा में भी गम्भीर मुकदमें दर्ज हैं। (STF News)
गौरतलब है कि गत वर्ष पुलिस लाइन सभागार में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने डकैती कांड का खुलासा करते हुए बताया था कि इत्र कारोबारी विमलेश चंद्र तिवारी के घर हथियारबंद डकैतों ने घुसकर परिवार को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। डकैत ज्वैलरी के अलावा 7.30 लाख रुपये, लाइसेंसी रिवॉल्वर समेत अन्य सामान लूट ले गए थे। मामले के खुलासा के लिए छह टीमें लगाई गई थी। एसपी ने दावा किया है कि इत्र कारोबारी का चालक अखिलेश जोशी ने ही रेकी कर मध्य प्रदेश से पारदी गैंग को बुलाकर घटना को अंजाम दिया था। वह तीन साल पहले काम छोड़ चुका था, लेकिन उसके बाद भी घर की रेकी की। वह कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के घिमऊ गांव का है। पुलिस ने उसके साथ ही मध्य प्रदेश के गुना जनपद के कैंट थाना के सित्रवासा निवासी सुल्तान मोगिया, जिला अशोक नगर के कचनार थाना क्षेत्र के माधौगढ़ निवासी मनोज उर्फ मनोहर, रुटियाई थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी दादाराम उर्फ दाताराम व प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के सिमरा निवासी जादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने डकैतों के पास पांच लाख रुपये, रिवॉल्वर, 15 जिंदा कारतूस व वैन को बरामद किया है। गैंग के शिवपुरी जिला के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के सेंवड़ा निवासी सूरज, नासिर व माधोगढ़ निवासी विक्की पारदी के नाम भी सामने आई है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। घटना का खुलासा करने वाली टीमों को एसपी ने 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। तब से ये गिरोह फरार चल रहा था। (STF News)













