Sonam Raghuvanshi: मेघालय और इंदौर पुलिस पहुंची गाजीपुर, सोनम गिरफ्तार
देर शाम मेघालय और इंदौर पुलिस गाजीपुर पहुंची और उससे पूछताछ की।
गाजीपुर। (Sonam Raghuvanshi) इंदौर के नवविवाहित जोड़े के मेघालय में लापता होने के बाद बीती रात वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग पर पत्नी सोनम की बरामदगी ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। सोनम को पुलिस ने रात करीब 2:30 बजे इंदौर पुलिस की सूचना पर एक ढाबे से बरामद किया। उसका मेडिकल कराने के बाद वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। देर शाम मेघालय और इंदौर पुलिस गाजीपुर पहुंची और उससे पूछताछ की। (Sonam Raghuvanshi)
(Sonam Raghuvanshi) एडीजी कानून व्यवस्था ने क्या बताया
एडीजी कानून व्यवस्था एवं एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि सोनम ने अपने परिजनों से संपर्क किया था, जिन्होंने इंदौर पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इंदौर पुलिस ने सोनम को बरामद करने के लिए यूपी पुलिस से संपर्क साधा। इसके बाद गाजीपुर पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि सोनम को गाजीपुर पहुंची मेघालय और इंदौर पुलिस को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
वहीं, मेघालय पुलिस ने ललितपुर से घटना में शामिल स्थानीय निवासी आकाश राजपूत को गिरफ्तार किया है। उसके अन्य दो साथियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। बता दें, ललितपुर से मेघालय पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया गया, जबकि आकाश को पुलिस टीम अपने साथ लेकर चली गई।
खुलते जा रहे हैं राज
राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में कई राज खुलते जा रहे हैं। पत्नी सोनम के हिरासत में आने के बाद हर कोई भौंचक्का है। अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि सोनम नेपाल भागने की फिराक में भी थी। उसने ही अन्य आरोपियों को पैसे देकर इंदौर वापस भेजा था।
बता दें कि अपने पति की हत्या करने की साजिश रचने वाली सोनम रघुवंशी ने ही डबल डेकर रूट के इलाके का चयन किया था। 23 मई को दोपहर में काॅल पर सास से हुई बातचीत में सोनम ने यह जताने की कोशिश भी की थी कि वह झरना देखने नहीं आना चाहती थी, उसे राजा वहां लेकर आया, लेकिन सचाई यह है कि सोनम को हत्या के लिए वो इलाका सुरक्षित लगा था।
शव ठिकाने लगाने के बाद अलग-अलग हो गए आरोपी
सोनम अपने से पांच साल छोटे राज को दिल दे बैठी थी और राज ने ही इंदौर के तीन युवकों को हत्या के लिए तैयार किया था, जो सोनम और राजा के पीछे-पीछे शिलांग तक गए थे, लेकिन राज खुद नहीं गया। इधर पुलिस सूत्रों से ये बात भी पता चली है कि सोनम हत्या के बाद नेपाल भागना चाहती थी। राजा का शव ठिकाने लगाने के बाद तीन आरोपी उससे अलग हो गए थे। बताते हैं कि सोनम की दो अन्य युवकों ने सोलह दिन तक उसे छुपाने में, यात्राएं कराने में मदद की।













