Nurse Nimisha Priya Kerala News: भारत की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में 16 जुलाई को दी जाएगी फांसी!
केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया 2017 से यमन की जेल में बंद हैं.
केरल। (Nurse Nimisha Priya) केरल की नर्स निमिषा प्रिया की जान अब खतरे में है. उन्हें अब सात समंदर पार फांसी देने की तैयारी है. यमन में उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है. केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया 2017 से यमन की जेल में बंद हैं. उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया है. मर्डर मामले में ही यमन की अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई है. 16 जुलाई 2025 को उनकी फांसी की तारीख तय की गई है. निमिषा प्रिया की फांसी पर अब भारत की नजर है. भारतीय विदेश मंत्रालय निमिषा की सजा को रोकने या कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. (Nurse Nimisha Priya)
(Nurse Nimisha Priya) कौन हैं नर्स निमिषा प्रिया?
अब सवाल है कि आखिर केरल की नर्स निमिषा प्रिया कौन हैं? आखिर वह यमन क्यों गईं, उन्हें यमन में फांसी क्यों दी जा रही है, आखिर उनका जुर्म क्या है? इन सभी सवालों का आज विस्तार से जवाब जानते हैं. सबसे पहले जानते हैं कि आखिर निमिषा प्रिया कौन हैं. निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली है. अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 2011 में यमन गई थीं. उनके माता-पिता ने मजदूरी करके अपनी बेटी को यमन भेजने लायक बनाया. यहां उन्होंने नर्स का काम करना शुरू किया.
निमिषा प्रिया ने साल 2015 में यमन की राजधानी सना’आ में एक मेडिकल क्लिनिक खोला. इसमें एक स्थानीय स्पॉन्सर तालाल अब्दो महदी ने उनकी मदद की. इससे एक साल पहले उनके पति और छोटी बेटी 2014 में आर्थिक तंगी के कारण भारत लौट आए थे. यमन में निमिषा की जिंदगी धीरे-धीरे मुश्किलों से घिरने लगी. यमन में उनकी जिंदगी भयावह हो गई. इसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को अंधेरे से बचाने के लिए जो किया, उसकी की सजा वह अब भुगत रही हैं.
निमिषा पर खूब हुए सितम
सैमुअल जेरोम और अदालती गवाहियों के अनुसार, तालाल ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के जरिए खुद को निमिषा का पति बताकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. उसने निमिषा का पासपोर्ट जब्त कर लिया, पैसे की उगाही की, और बार-बार धमकियां दीं.
क्यों फांसी के फंदे तक पहुंची?
इन परिस्थितियों से तंग आकर साल 2017 में निमिषा ने यमन से भागने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने तालाल को बेहोश करने की योजना बनाई ताकि अपना पासपोर्ट वापस ले सकें. लेकिन कथित तौर पर दवा की अधिक मात्रा देने के कारण तालाल की मृत्यु हो गई. इसके बाद निमिषा को गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर हत्या का आरोप लगाया गया. साल 2018 में यमन की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई.













