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Lucknow News: लखनऊ में फर्जी IAS गिरफ्तार

सरकारी कार्यक्रमों में सेंट्रल से सचिव बनकर शामिल होता था।

Lucknow News
लखनऊ। (Lucknow News) लखनऊ में एक फर्जी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। वह यूपी सरकार के कई कार्यक्रमों में बतौर विशेष सचिव शामिल हो चुका है। इसके अलावा दूसरे राज्यों के सरकारी कार्यक्रमों में सेंट्रल से सचिव बनकर शामिल होता था। उसने यह बात पुलिस के सामने कबूली है। (Lucknow News)

(Lucknow News) सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई पहचान

जालसाज की पहचान सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है। वह खुद को अफसर बताकर लोगों को रौब में लेकर ठगी करता था। उसकी गिरफ्तार की सफलता वजीरगंज थाना पुलिस को मिली है। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चेकिंग के दौरान कारगिल शहीद पार्क के पास यह पकड़ा गया।

यह पुलिस पर रौब झाड़ने की कोशिश कर रहा था। उसकी हरकतों पर शक होने पर जब सख्ती से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की गई, तो उसके फर्जी IAS अधिकारी होने का खुलासा हुआ।

लग्जरी गाड़ियों से चलता था, फर्जी पास भी बरामद
पुलिस ने सौरभ त्रिपाठी के पास से डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी कुल 6 लग्जरी चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। इन गाड़ियों पर लगे सरकारी पास भी जांच में फर्जी पाए गए हैं। आरोपी इन गाड़ियों और पदवी का इस्तेमाल कर सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को धोखे में रखता था।

कई राज्यों में कर चुका है ठगी, नेटवर्क की हो रही जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए सरकारी सुविधाएं हासिल कीं, साथ ही लोगों से पैसे और अन्य सेवाएं भी ठगीं। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और फर्जी दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर बनाईं कई फर्जी प्रोफाइल
आरोपी सौरभ त्रिपाठी सोशल मीडिया पर अलग-अलग नाम से एक्टिव था। किसी पोस्ट पर खुद को कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी भारत सरकार तो किसी प्रोफाइल पर सेक्रेटरी अर्बन-रूरल डेवलपमेंट यूपी लिखकर वह लोगों को भ्रमित करता था।

सरकारी कार्यक्रमों में भी घुसपैठ
जांच में पता चला है कि आरोपी कई सरकारी कार्यक्रमों में भी पहुंचा। वहां बड़े अधिकारियों के बीच फोटो खिंचवाकर उसने अपना रौब जमाया। कई बार पोस्ट लिखते समय भी उसने खुद को आईएएस ही बताया।

कई राज्यों में प्रोटोकॉल में घूम चुका आरोपी
आरोपी न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर फर्जी दौरे कर चुका है। पुलिस का कहना है कि उसके पास से डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और इनोवा समेत 6 चार पहिया वाहन मिले हैं। इन गाड़ियों पर लगे पास भी फर्जी पाए गए।

वजीरगंज प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी को कारगिल शहीद पार्क पर चेकिंग के दौरान यह सफलता मिली। पूछताछ में आरोपी की असलियत खुली तो पुलिस टीम भी हैरान रह गई।

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