उत्तर प्रदेशदेशलखनऊ

Chandra Grahan 2026: चंद्रग्रहण 2026 को आसमान में चांद हो जाएगा गहरा लाल

अपनी दृश्यता और रंग के कारण बेहद खास भी माना जा रहा है।

Chandra Grahan 2026
लखनऊ। (Chandra Grahan 2026) खगोलविदों के लिए अब तक साल 2026 बड़ा रोमांचक रहा है। इस साल एक सूर्य और एक चंद्र ग्रहण लग चुका है। चंद्र ग्रहण तो इसी माह 03 तारीख को दुनिया ने देखा। अब खगोलविदों और दुनिया की निगाह साल के दूसरे और अंतिम चंद्र ग्रहण पर टिकी है। ये चंद्र ग्रहण अगस्त के महीने में लगेगा। अपनी दृश्यता और रंग के कारण बेहद खास भी माना जा रहा है। (Chandra Grahan 2026)

(Chandra Grahan 2026) ब्लड मून हो जाएगा चांद

विज्ञान इसे ब्लड मून कहता है, जहां चंद्रमा का एक बड़ा हिस्सा तांबे की तरह सुर्ख लाल दिखता है। आइए जानते हैं कि अगस्त के माह में चंद्र ग्रहण कब लगेगा? साथ ही जानते हैं कि क्या ये भारत में नजर आएगा?

साल के दूसरे चंद्र ग्रहण की डेट और समय
2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 27 और 28 अगस्त की दरमियानी रात को लगेगा। 28 अगस्त को भारतीय समयानुसार (IST) ये दोपहर के वक्त शुरू होगा, लेकिन इस ग्रहण की वैश्विक शुरुआत 01:23 UTC से होगी। 04:41 UTC पर ग्रहण सबसे शानदार दिखेगा। इस ग्रहण की समाप्ति 07:02 UTC पर होगी। भारत में ये समय सुबह 06:53 से दोपहर 12:32 बजे के बीच का रहेगा।

भारत में नहीं आएगा नजर
ये चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। चूंकि जिस समय चांद को ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में सूरज चमक रहा होगा और दिन की रौशनी होगी। यही वजह है कि खगोलीय रूप से भारत में यह ग्रहण दृश्यमान नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब ग्रहण दृश्यमान नहीं होता तो उसका सूतक काल भी मान्य नहीं होता।

आकाश में दिखेगा अद्भुद दृश्य
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक ‘आंशिक चंद्र ग्रहण’ रहेगा, लेकिन फिर पूर्ण जैसा ही लगेगा। क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया से चंद्रमा का 93 प्रतिशत तक का भाग ढक जाएगा। धरती की परछाई चंद्रमा पर पड़ने के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर मुड़ जाती हैं। इससे चांद पूरी तरह काला होने के बजाय गहरा लाला दिखने लगता है।

कहां-कहां आएगा नजर?
ये चंद्र ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से और पूर्वी प्रशांत महासागर और अटलांटिक क्षेत्र में नजर आएगा।

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