Lucknow Jail: लखनऊ की जिला जेल में 18 से ज्यादा आतंकी
मुलाकातियों को आधार व पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
Lucknow Jail
लखनऊ। (Lucknow Jail) दिल्ली में धमाके के बाद जिला कारागार में जेल प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में 50 बंदी हैं। इनमें 18 से ज्यादा आतंकी हैं। आतंकियों के कारण ही जेल प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। मंगलवार को अफसरों ने बाहरी लोगों का प्रवेश रोककर अंदर गहन तलाशी ली। मुलाकातियों को आधार व पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। (Lucknow Jail)
(Lucknow Jail) लखनऊ जेल में बंद हैं करीब 3650 बंदी
वर्तमान में जेल के भीतर करीब 3650 बंदी हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके जायसवाल और जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बैठक कर डिप्टी जेलरों से सुरक्षा व सतर्कता पर चर्चा की। हाई सिक्योरिटी बैरक में विशेष तलाशी ली गई। मुख्य प्रवेश द्वार, चहारदीवारी, वॉच टॉवर पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। जेलकर्मियों की भी तलाशी ली जा रही है।
ये आंतकी जेल में हैं बंद
वर्ष 2007 में रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमले के दो दोषी इमरान शहजाद और मोहम्मद फारूक बंद हैं। दोनों पाकिस्तानी हैं। एसटीएफ ने वर्ष 2008 में एके-47, ग्रेनेड और पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ दोनों को गिरफ्तार किया था। एनआईए की स्पेशल कोर्ट दोनों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। वाराणसी में मार्च 2006 में हुए हमलों का दोषी वलीउल्लाह, नेपाल बॉर्डर पर एटीएस की ओर से पकड़े गए मोहम्मद अल्ताफ भट्ट और सैय्यद गजनफर के अलावा जम्मू-कश्मीर के आठ शातिर भी जेल में बंद हैं।
जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि दिल्ली में धमाके के बाद जेल में सतर्कता बढ़ाई गई है। जेलकर्मी, पुलिस व पीएसी को चौकसी बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। कड़ी निगरानी की जा रही है। बैरियर गेट से जेल परिसर के भीतर बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है।













