Pune Bridge Collapse: पुणे में इंद्रायणी नदी का पुल गिरा, पांच की मौत
NDRF की टीमों ने 51 लोगों का रेस्क्यू किया। कुछ लोग अब भी लापता है।
महाराष्ट्र। (Pune Bridge Collapse) महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावल तहसील के कुंडमाला गांव के पास में रविवार को दोपहर 3:30 बजे इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढह गया। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हैं। NDRF की टीमों ने 51 लोगों का रेस्क्यू किया। कुछ लोग अब भी लापता है। (Pune Bridge Collapse)
(Pune Bridge Collapse) तेज बहाव को देखने पुल पर उमड़ी थी भीड़
इससे पहले हादसे के बाद घटना स्थल पर पहुंचे विधायक सुनील शेलके ने दावा किया था कि 6 लोगों की मौत हो चुकी है। (Pune News) हालांकि CM देवेंद्र फडणवीस और पुणे जोन 2 के DCP ने 2 लोगों की मौत की पुष्टि की है। 2 लोगों की मौत हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब कई लोग नदी के तेज बहाव को देखने के लिए खड़े थे।
हादसे वाली जगह पुणे से 30 किमी दूर, वीकेंड मनाने पहुंचते हैं लोग
पुणे से कुंडमाला की दूरी 30 किमी है। यह जगह मुंबई के रास्ते में एक्सप्रेसवे में एंट्री करने से पहले स्थित है। वीकेंड पर यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
पुल जर्जर था, क्षमता से ज्यादा लोग, गाड़ियों की आवाजाही भी थी
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पुल पहले से ही बहुत खराब और जर्जर स्थिति में था। हादसे के समय पुल पर क्षमता से अधिक पर्यटक मौजूद थे। लोग टू-व्हीलर और मोटरसाइकिल ले जा रहे थे। इसी वजह से पुल भार सहन नहीं कर सका।
मोरबी ब्रिज हादसे में मारे गए थे 135 लोग
इससे पहले गुजरात के मोरबी में 30 अक्टूबर 2022 को एक सस्पेंशन ब्रिज गिर गया था। हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी। ब्रिज की क्षमता करीब 100 लोगों की थी, लेकिन रविवार को छुट्टी होने के चलते इस पर करीब 500 लोग जमा थे। यही हादसे की वजह बना। ब्रिज टूटने से जहां लोग गिरे, वहां 15 फीट तक पानी था। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए थे। लेकिन बाकी लोग बच नहीं सके थे।
एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने बताया- “यह पुल 30 साल पहले किसानों के आवागमन के लिए बनाया गया था, लेकिन पर्यटकों और दोपहिया वाहनों के ज्यादा वजन के कारण यह पुल ढह गया। 2 लोगों की मौत हो गई है। पिंपरी-चिंचवाड़ और NDRF मदद कर रहे हैं। हम समय-समय पर इसकी मरम्मत करते थे। फिलहाल यहां पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन वे यहां आ गए और यह हादसा हुआ।” (Pune Indrayani River Bridge Collapse)













