BSP Rally Live: लखनऊ में बसपा की रैली, मायावती ने साधा विपक्ष पर निशाना, मायावती की सुरक्षा में 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात
राजधानी लखनऊ की सड़कों पर नीले झंडे, पोस्टर और बैनर दिख रहे हैं।
BSP Rally Live
लखनऊ। (BSP Rally Live) कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में 9 अक्टूबर को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ी रैली का आयोजन किया। रैली में मायावती 3 घंटे मंच पर मौजूद रहीं। राजधानी लखनऊ की सड़कों पर नीले झंडे, पोस्टर और बैनर दिख रहे हैं। कांशीराम स्मारक स्थल पर मंच पहले ही सज चुका था। कुर्सियां लग चुकी थीं। जिलावार और विधानसभावार कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी बांटी गई थी। रमाबाई अंबेडकर स्थल पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के ठहरने का इंतजाम था। भीड़ का जुटान एक दिन पहले ही शुरू हो चुका था। रैली की सुरक्षा में दो हजार पुलिसकर्मी लगाए गए। (BSP Rally Live)
(BSP Rally Live) मायावती ने चार साल पहले की थी रैली
चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी। तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे। 2022 के चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी। इस बार भी उन्होंने रैली के लिए वही तारीख और वही स्थान चुना है। बसपा गुरुवार को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर वर्ष 2027 में खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने रखेगी।
विधानसभा चुनाव 2027 बसपा के लिए ‘करो या मरो’ जैसा
खिसकती राजनीतिक जमीन जुटाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा में मायावती ने गुरुवार को नई जान फूंकने की कोशिश की। 2024 लोकसभा चुनावों में छिटक गए वोटरों को एक बार फिर पार्टी से जोड़ कर ताकत बढ़ाने की कवायद में जुटेंगी। बामसेफ और बीएस-4 को जिम्मेदारी दी गई है। तकरीबन पांच लाख लोगों के जुटान का दावा है। 2027 चुनाव बसपा के लिए ‘करो या मरो’ सरीखा है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
पुरानी जेल रोड के कांशीराम स्मारक स्थल पर उनके 19वें परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धा सुमन कार्यक्रम और रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 2114 पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। पुलिस उपायुक्त अपराध व यातायात कमलेश दीक्षित के मुताबिक श्रद्धा सुमन कार्यक्रम और रैली को लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर पुलिस बल तैनात है।
सुरक्षा में तैनात पुलिस बल
डीसीपी : 04
एडीसीपी : 07
एसीपी : 21
इंस्पेक्टर : 69
दरोगा : 549
महिला दरोगा : 31
हेड कांस्टेबल : 341
महिला कांस्टेबल : 165
होमगार्ड : 182
चार कंपनी : पीएसी
एक कंपनी : आरएएफ लगाई गई है।
‘सत्ता में रहते PDA क्यों नहीं याद आया’, लखनऊ रैली में सपा और कांग्रेस पर जमकर बरसीं मायावती
मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है। योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी। मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया।
मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा। सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा। हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए। मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया। यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है। मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी। तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था।
मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है।
कांशीराम के निधन पर नहीं घोषित किया एक दिन का भी शोक- मायावती
मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार ने गलत मामलों में फंसाकर छवि धूमिल करने का पूरा प्रयास किया है। हमें कोर्ट जाना पड़ा, जहां न्याय मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग भी आज संविधान की कॉपी लेकर नौटंकी कर रहे हैं। डॉक्टर आंबेडकर को भारत रत्न की उपाधि से वंचित रखा। कांशीराम के निधन पर एक दिन के लिए राष्ट्रीय शोक, सपा की सरकार ने राजकीय शोक नहीं घोषित किया था।













