Bank Loan News: पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना के आवेदन खारिज कर रहे बैंक, 70 प्रतिशत आवेदन खारिज
बैंकों ने 55 हजार में से 38,752 आवेदन बैंकों ने किए खारिज
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लखनऊ। (Bank Loan News) केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना से जुड़े ताज़ा आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस योजना से जुड़े 70% आवेदन बैंकों ने खारिज कर दिए हैं। (Bank Loan News)
(Bank Loan News) सिर्फ 19.39% आवेदनों में धनराशि जारी की गई
योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सरल ऋण, प्रशिक्षण और उपकरण सहायता उपलब्ध कराना है, लेकिन बैंकों गरीब कारीगरों के 70 फीसदी आवेदन निरस्त कर दिए। सितंबर तक प्राप्त कुल 55,021 आवेदनों में से 38,752 आवेदन बैंकों ने खारिज कर दिए। योजना के अंतर्गत केवल 23.69% आवेदन स्वीकृत हुए और सिर्फ 19.39% आवेदनों में धनराशि जारी की गई।
कुल स्थिति (30 सितंबर 2025 तक)
कुल आवेदन प्राप्त : 55,021
कुल आवेदन स्वीकृत : 13,032
कुल आवेदन निरस्त : 38,752
धनराशि जारी किए गए आवेदन: 10,671
राशि के अनुसार
अनुरोधित राशि: 528.08.94 करोड़
स्वीकृत राशि: 117.78 करोड़
वितरित राशि: 94.50 करोड़
साफ है कि बैंकों ने कुल मांगी गई राशि का केवल 22% स्वीकृत किया और सिर्फ 18% वितरित किया।
बैंकवार संपूर्ण विवरण
बैंक कुल आवेदन अस्वीकृत आवेदन
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12997 , 8667
पंजाब नेशनल बैंक 9122, 5504
बैंक ऑफ बड़ौदा 8327, 6456
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक 6335, 5239
इंडियन बैंक 5332, 3891
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 4805, 3674
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 2126, 1626
केनरा बैंक 2118, 1272
बैंक ऑफ इंडिया 1307, 973
एच.डी.एफ.सी. बैंक 673, 321
यूको बैंक 664, 514
पंजाब एंड सिंध बैंक 318, 238
इंडियन ओवरसीज़ बैंक 272, 180
एक्सिस बैंक 140 , 19
बैंक ऑफ महाराष्ट्र 97 , 53
कोटक महिंद्रा बैंक 93, 14
अन्य 84, 22
आईसीआईसीआई बैंक 69, 40
आईडीबीआई बैंक 52, 47
इंडसइंड बैंक 46, 2
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 44, 0
सबसे अधिक आवेदन खारिज करने वाले बैंक
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया :8,667
बैंक ऑफ बड़ौदा :6,456
पंजाब नेशनल बैंक :5,504
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक :5,239
इंडियन बैंक :3,891
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया :3,674
इन बैंकों की अस्वीकृति दर सबसे अधिक
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक : 82.70%
बैंक ऑफ बड़ौदा :77.53%
यूको बैंक :77.40%
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया :76.48%
यूनियन बैंक :76.46%
पंजाब एंड सिंध बैंक :74.84%
यह रिपोर्ट संकेत देती है कि आवेदकों को पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिल रहा। बैंक अत्यधिक सतर्कता बरत रहे। प्रक्रिया जटिल है। चिंताजनक बात यह है कि ग्रामीण बैंकों में अस्वीकृति दर सबसे अधिक है, जबकि योजना का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण कारीगर और शिल्पकार समुदाय ही हैं।
क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना
सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कौशल से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों-जैसे बढ़ई, नाव निर्माण, लोहार, राजमिस्त्री, सुनार, नाई, दर्जी, माली, ताला बनाने वाले और खिलौना निर्माता को शामिल किया गया है।
योजना के तहत लाभार्थियों को 5 दिनों की गुरु-शिष्य परंपरा आधारित कौशल प्रशिक्षण के साथ 15 दिनों का उन्नत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षुओं को 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता तथा 15,000 रुपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
सबसे बड़ी सुविधा है बिना गारंटी ऋण: पहले चरण में 1 लाख रुपये तक का ऋण 18 महीने की अवधि के लिए और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का ऋण 36 महीने तक उपलब्ध होगा। साथ ही, डिजिटल लेनदेन पर 1,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।













