उत्तर प्रदेशक्राइम

Hardoi News: हरदोई में छह लोगों की मौत सात घायल, बारात से लौटते समय खाई में पलटी अर्टिगा कार

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हरदोई। (Hardoi News) उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि शादी से वापस लौट रही एक अर्टिगा कार तेज़ रफ्तार में मोड़ पर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। जिससे कार में सवार छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। (Hardoi News)

(Hardoi News) 7 शीटर कार में सवार से 13 बाराती

शादी से अर्टिगा में 13 बराती लौट रहे थे, जबकि कार में 7 लोगों के बैठने की जगह होती है। हादसा रात 2 बजे मझिला थाना क्षेत्र के भुप्पा पुरवा मोड़ के पास हुआ। घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर राहगीर और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

कार के अंदर फंसे लोगों को शीशा तोड़कर निकाला गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहाबाद पहुंची।

वहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 7 गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किए गए हैं। बताया जा रहा है कि अर्टिगा में लोग ठूस कर भरे थे।

शादी से लौट रही थी बारात
हरदोई में पाली थाना के पटिया नीम गांव में रहने वाले नीरज की शुक्रवार को शादी थी। बारात शाम 6 बजे मझिला थाना क्षेत्र के कुसुमा गांव के लिए रवाना हुई। नीरज के पड़ोस में रहने वाले जीतेंद्र ने कुछ और साथियों के साथ मिलकर अर्टिगा बुक की। इससे 13 लोग सवार होकर रात 9 बजे बारात के लिए निकले।

10 फ़ीट गहरी खाई में गिरी कार
कुसुमा गांव में बारात में पहुंचकर शामिल हुए। सभी ने द्वारचार में डांस किया। जयमाला के बाद रात करीब 2 बजे वापस लौटने लगे। रात का वक्त होने के चलते पूरी सड़क खाली थी। इसी के चलते चालक ने कार की स्पीड बढ़ा दी। बारात स्थल से 10 किमी दूर भुप्पा पुरवा मोड़ के पास कार जब मुड़ने लगी तो अनियंत्रित होकर पलट गई और 3-4 पलटी खाते हुए सड़क किनारे 10 फीट नीचे खाई में जा गिरी।

कई लोग कार से छिटककर गिरे
हादसा इतना भयानक था कि जब कार पलटी तो अंदर बैठे कई लोग छिटककर दूर जा गिरे। जबकि कई लोग कार में ही फंस गए। सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। 10 मिनट के बाद किसी घायल को जब होश आया तो उसने किसी तरह फोन मिलाकर परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। आधे घंटे में का रास्ता और बाकी था, जिसके बाद सभी अपने घर पहुंच जाते। ​​करीब 20 मिनट तक सभी घायल वहीं पड़े तड़पते रहे।

चीख पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के गांव के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और परिजनों ने पहले घायलों को संभाला और फिर जैसे-तैसे कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में जीतेंद्र (28), उसके भाई आकाश (24), बेटा सिद्धार्थ (6) की मौत हो गई। इसके अलावा, रामू (35), उदयवीर (23) और जौहरी (40) की भी मौत हो गई।

हादसे में पिता, बेटा और चाचा की एक साथ गई जान सीओ शाहबाद अनुज मिश्रा ने बताया कि हादसे में मरने वाले सभी एक ही गांव के थे। जितेंद्र और आकाश मछली पकड़ने का ठेका लेते थे। जितेंद्र का बेटा सिद्धार्थ शंकर लाल बाल विद्या मंदिर में कक्षा 2 का छात्र था।

नदी किनारे एक साथ जलीं चिताएं
मौत के बाद का मंजर देख कर सबके रोंगटे खड़े हो रहे थे। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना भाई। सभी की आंखे नम थी। शाम को करीब पांच बजे गर्रा नदी के किनारे जब चिताएं एक साथ जलाई गईं तो सबका कलेजा कांप गया। सभी ने मृतकों की आत्मा को शांति मिलने की कामना की।

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