Lucknow News: लखनऊ में दो लाख की रिश्वत लेते दरोगा धनंजय सिंह गिरफ्तार, एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने पकड़ा
कोचिंग संचालक से दो लाख रुपये की घूस लेते पेपर मिल चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है।
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लखनऊ। (Lucknow News) दुष्कर्म के मुकदमे में नाम हटाने के बदले कोचिंग संचालक से दो लाख रुपये की घूस लेते पेपर मिल चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। उनके पास से दो लाख रुपये भी मिले हैं। टीम उनसे पूछताछ में जुटी है। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। (Lucknow News)
(Lucknow News) सितंबर में पुलिस ने पीड़ित को भेजा था जेल
एक पीड़िता ने कानपुर के दर्शन पुरवा निवासी ब्रिटिश स्पीकिंग लैंग्वेज कोचिंग के संचालक प्रतीक गुप्ता के खिलाफ महानगर थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पेपर मिल चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह ने प्रतीक को 11 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पीड़ित की निजी सचिव थी युवती
मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती प्रतीक की निजी सचिव थी। एंटी करप्शन टीम के मुताबिक जेल से कुछ दिन पहले ही छूटकर आए प्रतीक ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि मुकदमा लिखाने वाली युवती चार अन्य लोगों के साथ मिलकर झूठे मुकदमे में फंसा कर रुपये वसूलती है।
प्रतीक ने आरोप लगाए थे कि दारोगा धनंजय सिंह ने मुकदमे से नाम हटाने के एवज में उनसे मोटी रकम मांगी थी। एडवांस के तौर पर दो लाख रुपये ले रहे थे। शिकायत पर टीम ने ट्रैप करते हुए प्रतीक को रुपये लेकर बुधवार शाम पेपर मिल चौकी में भेजा और उनकी शर्ट पर कैमरा भी लगाया।
दारोगा ने जैसे ही हाथ में रुपये लिए टीम ने उन्हें पकड़ लिया। धनंजय मूलरूप से आजमगढ़ के मेहनाजपुर स्थित ग्राम कूबा खास के रहने वाले हैं और वर्तमान में गोमती नगर विस्तार में रहते थे। एंटी करप्शन टीम उनसे पूछताछ में जुटी है।
दारोगा को एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने पकड़ा
जैसे ही कोचिंग संचालक ने रुपये दिए तभी एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर दारोगा को धरदबोच लिया है। गिरफ्तारी के दौरान धनंजय सिंह ने विरोध करने की कोशिश की। टीम ने उसे काबू में कर लिया और पूछताछ के लिए जबरदस्ती अपने साथ ले गई है। मामला महानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली निशातगंज चौकी का है। यहां एक युवती ने कुछ लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें कोचिंग संचालक प्रतीक गुप्ता का भी नाम शामिल किया गया था। प्रतीक गुप्ता का कहना है कि वह निर्दोष है और झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
लड़की ने 50 लाख की डिमांड की!
कोचिंग संचालक के मुताबिक, मेरे यहां काम करने वाली एक लड़की ने नौकरी छोड़ने के बाद मुझ पर झूठा आरोप लगाया और 50 लाख रुपये की मांग की थी। जब मैंने 10 लाख रुपये देने की बात कही, तो उसने कहा कि 50 लाख पूरे होने पर बयान बदलवा देगी। इसी बीच दारोगा धनंजय सिंह ने केस से नाम हटाने के लिए रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद कोचिंग संचालक ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज की थी।
वहीं लखनऊ में हुई इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार दारोगा से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं विभाग के उच्च अधिकारी पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं।













