Police Smriti Diwas: यूपी पुलिस स्मृति दिवस 2025 सीएम योगी ने कहा- ‘पुलिसकर्मियों का बलिदान अमूल्य पूंजी’
सीएम योगी ने समारोह में शहीदों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
Police Smriti Diwas
लखनऊ। (Police Smriti Diwas) राजधानी लखनऊ में मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में उत्तर प्रदेश पुलिस स्मृति दिवस 2025 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यअतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम योगी ने समारोह में शहीदों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। (Police Smriti Diwas)
(Police Smriti Diwas) शहीदों का बलिदान हमेशा याद रखेगा देश
इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य पूंजी है, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते। उनकी स्मृतियां हमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का अमर संदेश देती हैं। प्रदेश पुलिस ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। (Police Smriti Diwas 2025)
शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को सीएम ने दिलाया भरोसा
सीएम ने कहा कि 2024-25 के दौरान प्रदेश के तीन बहादुर पुलिसकर्मियों एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह (जौनपुर) और आरक्षी सौरभ कुमार (गौतमबुद्ध नगर) ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को भरोसा दिया कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ हर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि 96 पुलिस कर्मियों (केंद्रीय बलों एवं अन्य राज्यों के मूल निवासी यूपी के पुलिसकर्मी सहित) को कुल 30.70 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। पुलिस कर्मियों की सेवानिवृत्ति और मृत्यु के उपरांत 90% जीपीएफ के 2,511 प्रकरणों का भुगतान किया गया, जबकि 108 पुलिस कार्मिकों को अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। 234 मेधावी पुलिसकर्मियों के बच्चों को 51.10 लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी गई तथा 1.12 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई।
सीएम ने सुविधाओं के बारे में दी जानकारी
सीएम ने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी 519 मामलों में 11.85 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 170 कर्मियों को जीवन रक्षक निधि से 6.64 करोड़ रुपए अग्रिम दिए गए। 374 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को 11.86 करोड़ रुपए की बीमा धनराशि और 124 आश्रितों को बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘पुलिस सैलरी पैकेज’ से 67.76 करोड़ रुपए का भुगतान कराया गया।
पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 से अब तक 2.09 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिनमें 34 हजार महिलाएं शामिल हैं। राजपत्रित स्तर पर 1.52 लाख से अधिक पदोन्नतियां दी गई हैं। वर्तमान में 28,154 पदों पर भर्ती और 2,391 पर पदोन्नति प्रक्रिया जारी है।
इससे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा और समर्पण समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य पथ पर अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सभी अमर शहीद पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि!’
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी दी श्रद्धांजलि
वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि पुलिसकर्मियों का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा है।
शहीदों के परिजनों से मिले सीएम योगी
‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा’, मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस पर कविता की इसी लाइन से लखनऊ पुलिस लाइन्स का ग्राउंड गूंज उठा।
देश सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 186 जवानों को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। सीएम योगी और डीजीपी राजीव कृष्णा ने शहीद जवानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक पुस्तिका के आते ही सम्मान में खड़े हुए सभी लोग
पुलिस लाइन्स के ग्राउंड में सुबह 9.35 बजे परेड खड़ी हुई। परेड को आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय और किरन यादव ने कमांड किया। परेड में पीएसी, एसडीआरएफ, एटीएस, एसएसएफ, ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस की टोलियां थीं। 10 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में पहुंचे।
इसके बाद शहीदों का नाम लिखी हुई शोक पुस्तिका परेड ग्राउंड में लगाई गई। शोक पुस्तिका को ग्राउंड में लाने की जिम्मेदारी विजिलेंस में तैनात सीओ अभय पांडेय ने संभाली। पुस्तिका के ग्राउंड में आते ही सम्मान में सभी लोग अपनी-अपनी जगह पर खड़े हो गए। फिर सीएम ने शहीद स्मारिका पहुंचकर शहीदों की पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया।
देशभर में 186 पुलिसकर्मी हुए शहीद
स्मृति दिवस पर 1 सितंबर 2024 से लेकर 31 अगस्त 2025 के दौरान देशभर में ड्यूटी पर शहीद हुए 186 पुलिसकर्मियों को याद किया गया। शहीदों में सबसे अधिक बीएसएफ के 23 जवान शामिल हैं। वहीं यूपी के तीन पुलिसकर्मी इस अवधि के दौरान शहीद हुए।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश के पांच, अरुणाचल प्रदेश के एक, असम के दो, बिहार के आठ, छत्तीसगढ़ के 16, गुजरात के तीन, झारखंड के एक, कर्नाटक के आठ, केरल के एक, मध्य प्रदेश के आठ, महाराष्ट्र के 1, मणिपुर के तीन, नागालैंड के एक, ओडिशा के दो, पंजाब के तीन, राजस्थान के तीन, तमिलनाडु के छह, तेलंगाना के पांच, त्रिपुरा के 2, उत्तराखंड के चार, पश्चिम बंगाल के 12, चंडीगढ़ के दो, दिल्ली के आठ, जम्मू कश्मीर के 14, लद्दाख के एक असम राइफल्स के 2, सीआईएसएफ के छह, सीआरपीएफ के आठ, आईटीबीपी के पांच, एसएसबी के पांच, एनडीआरएफ के एक, आरपीएफ के नौ जवान शामिल थे।







