Inspector Death News: लखनऊ में स्विमिंग पूल में डूबकर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर की मौत
अश्विनी चतुर्वेदी अच्छे तैराक थे? तो कैसे डूब गए? ऐसे तमाम सवालों का पता पुलिस लगा रही है।
Inspector Death News
लखनऊ। (Inspector Death News) महानगर स्थित 35वीं वाहिनी पीएसी के शहीद भगत सिंह तरणताल में शुक्रवार को 54 वर्षीय इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की संदिग्ध हालात में डूबने से मौत हो गई। घटना के करीब पांच घंटे बाद एसडीआरएफ की मदद से उनका शव बाहर निकाला गया। (Inspector Death News)
(Inspector Death News) पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। अश्विनी चतुर्वेदी अच्छे तैराक थे? तो कैसे डूब गए? ऐसे तमाम सवालों का पता पुलिस लगा रही है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मध्य आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सीसी फुटेज की मदद से जांच की जा रही है।
डीसीपी ने बताया कि इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी मूल रूप से अम्बेडकर नगर के राजे सुलतानपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने बनारस में एक घर ले लिया था और उनका परिवार वहीं रहता था। अश्विनी 1998 बैच के दारोगा भर्ती हुए थे और वर्तमान में पुलिस आयुक्त की क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा में तैनात थे।
जांच में सामने आया कि अश्विनी रोजाना की तरह सुबह सात से आठ बजे के बीच तरणताल में स्विमिंग करने गए थे। जब बैच का समय पूरा हुआ, तो पुलिस और पीएसी के तैराक चले गए। करीब साढ़े नौ बजे कोच अनिल कुमार कर्मचारियों के साथ मिलकर चेंजिंग रूम आदि बंद करा रहे थे, तभी उन्होंने पूल के पास अश्विनी का बैग, कपड़े और चप्पल देखे, जिससे उनकी खोजबीन शुरू की गई।
करीब दस बजे उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई। हालांकि, करीब दस फीट गहराई तक खोजने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इसके बाद एसडीआरएफ को सूचना दी गई और उनके गोताखोर पहुंचे।
एसडीआरएफ के गोताखोरों ने आक्सीजन मास्क पहनकर करीब डेढ़ बजे इंस्पेक्टर अश्विनी का शव बरामद किया। शव करीब पांच घंटे तक पानी में रहने के कारण अकड़ गया था। पुलिस ने घटना की जानकारी इंस्पेक्टर अश्विनी के परिवार को दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अमित वर्मा, एडीसीपी मध्य जितेंद्र दुबे समेत अन्य पुलिस अधिकारी और उनके बैचमेट मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके भांजे और कई अन्य रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए।
वीडियोग्राफी में होगा पोस्टमार्टम
डीसीपी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी में डाक्टरों के पैनल से करवाया जाएगा। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। देर शाम तक परिवारीजन नहीं पहुंचे तो उनके आने पर उनसे भी बातचीत होगी। उनका जो भी आरोप होगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कस्टडी में हुई मौत का लगा था आरोप
अश्वनी चतुर्वेदी बीते वर्ष चिनहट थाने में तैनात थे। उस दौरान पुलिस कस्टडी में एक कारोबारी की मौत हो गई थी। इसके बाद उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद उन्हें सस्पेंड किया था, फिर बहाली के बाद क्राइम ब्रांच में तैनात किया गया था।













