Kargil Vijay Diwas: मुख्यमंत्री ने ‘कारगिल विजय दिवस’ पर दी कारगिल शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में शहीदों के परिजनों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया
लखनऊ। (Kargil Vijay Diwas) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के वीर जवानों ने देश की आन-बान-शान के खिलाफ दुश्मनां के दुस्साहस को सदैव मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने अपना बलिदान देकर भी भारत की एकता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाये रखा है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ तथा ‘समर्थ व सशक्त भारत’ बनाये जाने तथा ‘आत्मनिर्भर व विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने के लिए हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। (Kargil Vijay Diwas)
(Kargil Vijay Diwas) सीएम योगी ने किया शहीदों को याद
कारगिल विजय दिवस हमें यही संदेश दे रहा है। जिन वीर सैनिकों ने देश को सुरक्षित रखने के लिए अपना बलिदान दिया है, उनकी प्रेरणा है कि हम एक रहें।
मुख्यमंत्री आज यहां कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में ‘कारगिल विजय दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, मेजर रितेश शर्मा, लांस नायक केवलानन्द द्विवेदी तथा राइफलमैन सुनील जंग के परिजनों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने मातृभूमि की एकता और अखण्डता तथा देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने वाले भारत माता के सभी बहादुर सपूतों को श्रद्धांजलि दी। (Kargil Vijay Diwas 2025)
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम नगर निगम लखनऊ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। एक तरफ हम कारगिल युद्ध के योद्धाओं का स्मरण कर उनके परिजनों का सम्मान कर रहे हैं। दूसरी ओर लखनऊ नगर निगम ने भारत के स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि अचानक नहीं आयी है, इसके लिए परिश्रम किया गया है। (Kargil Vijay Diwas 2025)
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण व चुनौतीपूर्ण क्षेत्र था। यह युद्ध पाकिस्तान द्वारा थोपा गया था। मई, 1999 में स्थानीय चरवाहों ने कारगिल की पहाड़ियों पर घुसपैठ की सूचना भारतीय सेना को दी थी। इसके खिलाफ तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने ऑपरेशन विजय को आगे बढ़ाया था। 26 जुलाई, 1999 को कारगिल विजय की घोषणा हुई थी। युद्ध में पाकिस्तान की सेना ऊंचाई पर थी, जबकि भारतीय सैनिक नीचे थे। लेकिन भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के सामने पाकिस्तान ने घुटने टेक दिये थे।
उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के माध्यम से भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी अमेरिका के दबाव के सामने नहीं झुके। अन्ततः पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।
आज हम कारगिल विजय दिवस के रूप में पूरे उत्साह और उमंग के साथ भारत माता के उन महान सपूतों को नमन कर रहे हैं। जब भी देश की आन-बान-शान के लिए अपना बलिदान करने की आवश्यकता पड़ी है, तो हमारे जवानों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। (Kargil Vijay Diwas 2025)
विजय का वरण वही कर सकता है, जो चुनौतियों से जुझेगा और उनका सामना करेगा। जो युद्ध नहीं लड़ेगा, चुनौती स्वीकार नहीं करेगा तथा पलायन का रास्ता अपनाएगा, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है। समाज में विद्वेष पैदा कर उसे बांटने वाले तत्व नहीं, बल्कि चुनौतियों से जुझते हुए अपना मार्ग प्रशस्त करने वाले लोग ही अपनी मंजिल प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखण्डता सदैव बलिदान मांगती है। हमे भी इसमें अपना योगदान देना होगा। यदि आज हम चैन से सो पाते हैं, समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं, विकास के नये आयामों का लाभ ले पाते हैं और आधुनिक सुविधाओं से लाभान्वित हो पाते हैं, तो इसका कारण यह है कि भारत के वीर जवान सम-विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि कारगिल के युद्ध में लखनऊ के जांबाज जवान कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, कैप्टन आदित्य मिश्रा, लांस नायक केवलानन्द द्विवेदी, रायफल मैन सुनील जंग तथा मेजर रितेश शर्मा के योगदान का स्मरण पूरा देश करता है। आज हमें इन वीर जवानों के परिजनां का सम्मान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। वाह्य व आन्तरिक सुरक्षा में शहीद होने वाले जवानों के परिजनों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार द्वारा 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार में नौकरी देती है। राज्य सरकार शहीद जवान के नाम पर एक स्मारक बनाये जाने में योगदान देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ नगर निगम प्रतिवर्ष कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रीय स्वाभिमान का यह कार्यक्रम आयोजित करता है। सरकार ने यह तय किया है कि प्रत्येक जनपद में वीर सैनिकों के बलिदान के प्रतीकस्वरूप स्मारक बनने चाहिए, जिससे हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ी को एक नई प्रेरणा मिल सके। हमारी सरकार ने अग्निवीर के रूप में देश की सेवा में अपना योगदान देने वाले जवानों को रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 20 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। (Kargil Vijay Diwas)
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ताकत के रूप में उभरते हुए और दुनिया में अपना लोहा मनवाने वाले भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से अपने शौर्य व पराक्रम को प्रदर्शित किया है। प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि पहलगाम के दोषियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। जिस पाकिस्तान और उसके द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों ने पहलगाम में निर्दाष लोगों को अपना शिकार बनाया, उसी पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए भारतीय सेना ने उसके आतंकी कैम्पों को तहस-नहस कर दिया। इस बार भी पाकिस्तान ने अमेरिका से मध्यस्थता की मांग की थी। भारत एक ही मोर्चे पर कई देशों से लड़ रहा था। तुर्किये, चीन सहित अन्य देशां द्वारा पाकिस्तान को मदद दी जा रही थी। इसके बावजूद भारत की बहादुर सेना के सामने पाकिस्तान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर भारतीय का दायित्व है कि वह यूनीफॉर्म के प्रति सम्मान का भाव रखें। यदि हमें विकसित भारत के सपने को साकार करना है, तो देश को जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले षड़यन्त्रों से सावधान रहना होगा। भारत हर कालखण्ड में बल, बुद्धि व विद्या में कमजोर नहीं रहा है। लेकिन जिन लोगों को समर्थ, विकसित तथा सशक्त भारत अच्छा नहीं लगता, ऐसे लोग भारत को जाति, क्षेत्र, भाषा और अन्य आधारों पर बांटकर हमारे सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दुश्मन को प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्वों की सहानुभूति किसी गरीब के लिए अथवा देश के प्रति नहीं है, बल्कि उन लोगों के प्रति है, जो घुसपैठिए के रूप में भारत के नागरिकों के हक को छीनने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों की यह चिंता नहीं है कि भारत के नागरिकों को संविधान के तहत मताधिकार प्राप्त हो, बल्कि उनकी चिंता है कि घुसपैठियों को यह अधिकार अवश्य प्राप्त हो। ऐसे लोग जब सत्ता में रहते हैं, तो परिवारवाद और जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में जब भी हम इस प्रकार के प्रवृत्ति वाले तत्वों के चंगुल में फंसे हैं, तो भारत को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। विदेशी हमलावर इसीलिए भारत पर हावी होते गये। हमारे पास देशभक्त योद्धाओं तथा बल, बुद्धि और वैभव की कभी कमी नहीं थी। भारत गुलाम इसलिए हुआ, क्योंकि उस समय कुछ ताकतें समाज को बांट रही थी। आज भी कुछ ताकतें देश को बांटने का कार्य रही हैं। हमें इनसे बचने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, विधायक नीरज बोरा, मुकेश शर्मा, राम चन्द्र प्रधान, पवन कुमार, योगेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।













