Ayodhya News: अयोध्या में रामनवमी पर श्री राम का सूर्य तिलक, सोने का मुकुट धारण करेंगे रामलला
जन्मोत्सव पर रामलला राजकुमार की तरह सज-धजकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

अयोध्या। (Ayodhya News) अयोध्या राम मंदिर में विराजमान बालकराम की सेवा-पूजा एक राजकुमार की तरह होती है। वे दशरथ नंदन हैं इसलिए उनकी राजोपासना होती है। अब चूंकि छह अप्रैल को उनका जन्मोत्सव मनाए जाने की तैयारी है, इसलिए जन्मोत्सव पर रामलला राजकुमार की तरह सज-धजकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। वे जन्मोत्सव पर सिर पर सोने का मुकुट और सोने-चांदी से जड़ित पीतांबरी वस्त्र धारण करेंगे। (Ayodhya News)
(Ayodhya News) रामलला को हर पर्व पर धारण कराए जाते हैं विशेष वस्त्र
रामलला को हर पर्व व त्योहार पर विशेष वस्त्र धारण कराया जाता है। मौका राम जन्मोत्सव का है तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट उत्सव की भव्यता में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। पूरे मंदिर की भव्य सजावट की गई है। रोजाना शाम सात बजे से रात 10 बजे तक मंदिर में विशेष लाइटिंग परिसर की सुंदरता में इजाफा कर रही है। मुख्य पर्व यानी छह अप्रैल पर सुबह 9:30 बजे से ही रामलला का श्रृंगार शुरू हो जाएगा। सोना, चांदी, हीरा, मोती से जड़ित विभिन्न प्रकार के आभूषण उन्हें धारण कराए जाएंगे। इससे पहले उनका पंचामृत अभिषेक होगा। इसके बाद उन्हें पीले रंग का विशेष वस्त्र धारण कराया जाएगा। यह विशेष वस्त्र मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी तैयार कर रहे हैं। वे वस्त्र लेकर शनिवार को अयोध्या पहुंच जाएंगे।
ठीक 12 बजे होगा सूर्य तिलक
ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म की आरती होती। फिर चार मिनट का सूर्य तिलक होगा। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि एक राजकुमार की तरह सज-धजकर रामलला भक्तों को सम्मोहित करेंगे। उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में फूलों की झांकी सजाई जा रही है। जन्मोत्सव का कार्यक्रम दोपहर 12 बजे होगा, रामलला को 56 भोग अर्पित किया जाएगा। अभी रोजाना शाम को कलाकार रामलला को सोहर व बधाई गान सुना रहे हैं। यज्ञमंडप में अनुष्ठान चल रहे हैं। शुक्रवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने अनुष्ठान में हिस्सा लेकर हवन-पूजन किया।
तीन क्विंटल पंजीरी का लगेगा भोग
जन्मोत्सव के दिन रामलला को तीन क्विंटल पंजीरी, सवा क्विंटल चरणामृत, लड्डू व मेवे का भी भोग लगाया जाएगा। पंजीरी पांच प्रकार की होगी। विशेष रूप से धनिया की पंजीरी बनवाई जा रही है। डेढ़ लाख लड्डू निर्मित कराया जा रहा है जो भक्तों को प्रसाद स्वरूप बांटा जाएगा। इसके अलावा अंगद टीला परिसर में नि:शुल्क भोग प्रसाद का वितरण चल रहा है।